JEE मेन्स NEET यूजी परीक्षा 2020 की तिथि तय

JEE(मेन्स ) और NEET(यू जी) परीक्षा तिथी

JEE मेन्स और NEET यूजी परीक्षा छात्रों के करीयर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण परीक्षा है लेकिन अब परीक्षा दो तरफा मोड़ पर आ खड़ी है. कई छात्र इसका समर्थन कर रहे तो कई छात्र इस परीक्षा का विरोध और बात विरोध प्रदशन तक आ पहुँची हैं. यह परीक्षा एक राजनीतिक मुद्दा बन गई हैं.

JEE(Mains) और NEET (UG) की परीक्षा तिथी तय हो चुकी हैं. JEE की परीक्षा 1 से 6 सितम्बर तक आयोजित की जानी हैं. JEE(मेन्स) 27 सितम्बर को होना है जबकी NEET(UG) की परीक्षा 13 सिप्तम्बर को होनी है. नई दिल्ली में इस परीक्षा को स्थगित करने की मांग बहुत तेजी से उठ रही हैं.

JEE NEET परीक्षा स्थगित करने की मांग क्यों

JEE NEET परीक्षा स्थगित करने की मांग

परीक्षा की तिथी तय होने के बाद से ही इस परीक्षा को स्थगित करने की मांग शुरू कर दी गई. परीक्षार्थियों का कहना है की करोना संक्रमण के कारण छात्रों में डर का भाव हैं. यदि कोई भी छात्र करोना संक्रमित हुआ तो संक्रमण को सभी छात्रों में तेज़ी से फैलने में देर नहीं लगेगी. इससे बचने के लिए परीक्षा को स्थगित करना चाहिए. गैर भाजपा शासित राज्यों ने परीक्षा को स्थगित करने की मांग का समर्थन किया हैं. परीक्षा को स्थगित करने का मामला दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा हैं.

विरोधी Covid-19 महामारी में सुधार होने तक या जब तक इसका कोई सही उपचार  उपलब्ध नहीं हो पाता तब तक परीक्षा को स्थगित करने की मांग कर रहे हैं. साथ ही साथ देश भर के कई राज्यों में बाढ़ संबंधित स्थिति में सुधार होने तक भी परीक्षा को रोकने की मांग की जा रही हैं.

कई छात्रों का कहना है की एग्जाम सेंटर कहाँ होगा, वो वहां कैसे पहुँच पाएगे. ट्रांसपोर्ट के साधन अभी सही रूप में उपलब्ध नहीं हैं, ट्रेन्स नही चल रही हैं, बसे सुचारू रूप से नहीं चल रही हैं. परिवहन के साधनों के ऐसे आभाव में परीक्षार्थी एग्जाम सेंटर कैसे पहुंचेगे.

विरोध करने के लिए लोगो द्वारा घरो से काले झंडे उठाये, हाथ और माथे पर काले बैंड बांधे, काले मुखोटे पहने जा रहे हैं और कुछ लोगो ने अपनी अकाउंट प्रोफाइल को काले रंग में परिवर्तित कर दीया.

एक तरह जहाँ देश भर में इस परीक्षा को लेकर विरोध हो रहा हैं. वहीँ एक गुट ऐसा भी है जो चाँहता है के परीक्षा किसी भी हाल में टाली ना जाए. परीक्षा जरुर कराई जाए. शिक्षा मंत्रालय भी अपने परीक्षा कराने के फैसले पे अटल हैं. NTA नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने भी परीक्षा के लिए पूरी तैयारी कर ली हैं.

JEE और NEET परीक्षा से जुड़ी खास बातें

  • केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डॉक्टर रमेश पोखरियाल ने कहाँ की JEE और NEET की परीक्षा का आयोजन होगा. उन्होंने कहाँ की छात्र स्वयं चाहते हैं की परीक्षा हो, आयोजन किया जाए. उन्होंने कहाँ की मंत्रालय ने महसूस किया की जीरो इयर किसी भी तरह से छात्रों के हित में नहीं हैं.
  • NTA नेशनल टेस्टिंग एजेंसी परीक्षा कराने के लिए तैयारी कर रही हैं. कुल मिलाकर 25 लाख छात्र मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट टेस्ट (NEET) यूजी और इंजीनियरिंग टेस्ट (JEE) मेन्स में शामिल होंगे. NTA इसके लिए राज्य अधिकारियो से भी संपर्क कर रहा हैं. NEET के लिए 15.97 लाख विद्यार्थी पंजीक्रत हैं, वहीँ JEE मेन्स एग्जाम के लिए 8.58 लाख अभियार्थियो ने रजिस्ट्रेशन करवाया था.
  • NEET परीक्षा के एडमिट कार्ड डाउनलोड करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ रही हैं. JEE और NEET परीक्षा के 25 लाख छात्र में से 16 लाख अभियार्थियो ने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिया हैं. NEET के 16 लाख अभियार्थियो में से 10 लाख विद्यार्थी एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं.
  • NTA ने यह सुनिश्चित किया हैं की 99% से अधिक उम्मीदवारों को उनकी पसंद के परीक्षा केन्द्र मिलेंगे.
  • NTA महानिदेशक विनीत जोशी ने कहा JEE और NEET परीक्षा में सोशल डिस्टेनसिंग के लिए औड इवन सिस्टम की व्यवस्था की हैं.

JEE और NEET परीक्षा बनी राजनीति का अहम मुद्दा

JEE और NEET परीक्षा बनी राजनीती का अहम मुद्दा

देश के शिक्षण संस्थानों में प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन भी राजनीती का मुद्दा बन जाए ऐसा शायद पहली बार हुआ. JEE और NEET परीक्षा के आयोजन को लेकर सरकार और उनकी विपक्षी पार्टियों में बहस छिड चुकी है. विपक्ष चाहता है की सरकार संवेदनशीलता दिखाए और परीक्षा पर रोक लगाए. लेकिन सरकार साफ संकेत दें चुकी है की परीक्षा होकर रहेंगी. शिक्षा मंत्री का कहना हैं की अभिभावकों की इच्छा अनुसार उनके अनुरोध पर ही परीक्षा कराई जा रही हैं.

विपक्ष और कुछ छात्रों का तर्क हैं की इससे करोना संक्रमण बढ़ेगा. इस समय में परीक्षा करना उचित नहीं हैं. कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन इस मुददे को सड़क की लड़ाई में तबदील करने का प्रयास कर रहे हैं. वही दूसरी और परीक्षा के आयोजन के समर्थ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और अन्य विद्यार्थीयो का दावा है की उन्होंने इस परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की हैं.

NTA ने घोषित किया की देश भर में NEET परीक्षा 13 सितम्बर और JEE परीक्षा 1 से 6 सितम्बर के बीच कराई जाएगी. इन परीक्षाओ के लिए NTA ने देश भर में 3842 केन्द्र बनाये हैं और साथ ही साथ केन्द्रों में जरूरी गाइडलाइन्स का पालन करना अनिवार्य किया. वही इस घोषणा ने परीक्षा में राजनीति के रंग को और बढ़ा दिया हैं.

सोनिया गाँधी की अगुवाई में हुई सात राज्यों की मीटिंग

दिल्ली में कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी की अगुवाई में सात विपक्षी पार्टियों की वर्च्युअल मीटिंग हुई. इस मीटिंग में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी ने परीक्षा को टालने के लिए एक साथ सुप्रीम कोर्ट चलने का आग्रह किया. ममता बेनर्जी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में रिव्यु पेटिशन डाली पर उसका उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. महाराष्ट व् पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी ममता बेनर्जी का समर्थन किया.

इससे पूर्व दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और ओडीशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग कर चुके हैं. आम आदमी पार्टी ने करोना संक्रमण के समय इस परीक्षा को स्थगित करने की मांग  का समर्थन किया. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्मंत्री भूपेश बघेल और पांडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायण स्वामी ने भी परीक्षा को स्थगित करने की पैरवी की और केन्द्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ़ न्यालय का रुख करने का विचार विमर्श किया.

कांग्रेसी नेता राहुल गाँधी ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए ट्वीट किया की मोदी सरकार छात्रों के मन की बात सुने और इस मुददे का सर्वमान्य हल निकाला जाए.

कांग्रेसी छात्र संगठन NSUI और AISA का विरोध प्रदशन  

कांग्रेसी छात्र संगठन NSUI और AISAका विरोध प्रदशन

छात्र संगठन NSUI ने JEE और NEET परीक्षा के आयोजन के विरोध में अनिश्चितकाल सत्याग्रह शुरू कर दिया हैं. NSUI का कहना हैं की वर्तमान समय में इन परीक्षाओं का होना सही नहीं हैं. NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में यह विरोध प्रदशन किया गया. वाही NSUI के अन्य कार्यकर्ता भी उनके समर्थन में दिल्ली स्थित शास्त्री भवन पर अंशन कर रहें हैं.

छात्र संगठन AISA ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन के 4000 परिक्षार्थियो ने एक दिन की भूख हड़ताल की. AISA इस शेश्निक इयर को जीरो इयर घोषित करने की मांग कर रहा हैं.

अभिनेता सोनू सूद और बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी का पक्ष

विवाद के चलते अभिनेता सोनू सूद ने इसमें अपना पक्ष रखा. उनका कहना है की परीक्षा छात्रों के लिए जरूरी हैं और अगर परीक्षा टाली नही जाती है तो वह जरूरतमंद छात्रों को परीक्षा केन्द्र तक पहुचाने की व्यवस्था करेंगे.

बीजेपी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी JEE और NEET परीक्षा का विरोध किया हैं. उन्होंने दोनों परीक्षाओं को दिवाली तक टालने के लिए प्रधान मंत्री मोदी को शिक्षा मंत्रालय को इससे सम्बंधित निर्देश देने की मांग की. उन्होंने चेताया की अगर ऐसा न हुआ तो विद्यार्थी आत्महत्या का रास्ता अपनाएगे.

NTA की परीक्षा सुरक्षित रूप से कराने  के लिए की गई तैयारी

  • NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) NEET और JEE के लिए परीक्षा केन्द्रों पर प्रत्येक कमरे में कम उम्मीदवारों को बैठाने और प्रवेश निकास की अलग व्यवस्था करेगी.
  • केन्द्रों पर सामाजिक दूरी के नियम का अनुपालन सुनिश्चित किया गया.
  • JEE के लिए परीक्षा केन्द्रों की संख्या 570 से बढ़कर 660 की गई हैं. जबकी NEET परीक्षा अब 2,546 केन्द्रों के बजाय 3,843 केन्द्रों में होगी.
  • JEE मेन्स परीक्षा में छात्रों को परीक्षा कक्ष में एक सीट छोड़कर बैठाया जाएगा. NEET की परीक्षा में एक कमरे में विद्यार्थीयों की संख्या 24 से घटकर 12 कर दी गई हैं.
  • परीक्षा कक्ष के बाहर सामाजिक दूरी का अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए उम्मीदवारों का विशेष प्रवेश व् निकास होंगा.

JEE AUR NEET परीक्षा विरोध कांफी जोरों पर हैं, विरोध प्रदशन दिन पे दिन बढ़ता जा रहा हैं. पर केन्द्र सरकार इसे टालने के पक्ष में नहीं है क्योंकि ये छात्रों के भविष्य का सवाल हैं और परीक्षा को स्थगित करना किसी भी तरह से छात्रों के हित में नहीं हैं.

आपकी इन परीक्षा संबंधी क्या राय हैं, कमेंट सेक्शन में कमेन्ट करके जरुर बताएं…

धन्यवाद

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